फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर करीब 74 हजार नियोजित शिक्षकों के रिकार्ड (नियोजन फोल्डर) खोजने में विजिलेंस टीम हांफ रही है। पटना हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही ऐसे शिक्षकों की जांच में नियोजन इकाईयां आड़े आ रही हैं।शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के रिकार्ड मुहैया नहीं कराने वाली नियोजन इकाईयों पर फौरी कार्रवाई करने की छूट विजिलेंस विभाग को दी है ताकि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जा सके। शिक्षा विभाग के मुताबिक विजिलेंस ब्यूरो की टीम द्वारा सभी जिलों में शिक्षक नियोजन प्रक्रिया की जांच जारी है। जांच में फर्जी डिग्री पर नियुक्त और एक ही डिग्री पर दो-दो जगह नौकरी कर रहे  शिक्षकों का मामला भी सामने आ चुका है। निगरानी टीम ने 450 फर्जी नियोजित शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इनमें जहानाबाद में 42, बक्सर में 31, रोहतास में 29, भोजपुर में 16, मधुबनी एवं दरभंगा में 11-11, नवादा में 45, पटना, पूर्णिया, अररिया, मुजफ्फरपुर व मुंगेर में 1-1 शिक्षक शामिल हैं।इसके अलावा भोजपुर की नियोजन इकाई के तीन पदाधिकारियों पर भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। भोजपुर जिले में 13 ऐसे नियोजित शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिन्होंने एक ही अंकपत्र व सर्टिफिकेट पर दो जिलों में नियुक्ति पत्र ले लिया और दोनों जगहों से वेतन उठाया। 
(सभार/सौजन्य से)


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